‘U’ से संबंधित आयुर्वेदिक औषधियां

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‘U’ Se sambandhit Ayurvedic Aushdhiya: Jk health world ke is page men U Aur Bh shabd se sambandhit Ayurvedic Aushdhiyan di gaee hai jaise: Ubmbar saar, unnab, udad, utaran, etc.

‘U’ से संबंधित आयुर्वेदिक औषधियां

ऊदसलीव  : ऊदसलीव गरम तथा रूखा होता है। यह कफ तथा बुखार को नष्ट करने वाला, आमाशय तथा आंत को बल प्रदान करने वाला है। यह गुर्दे तथा मूत्राशय के लिए लाभदायक होता है...................

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उदुम्बर सार  : 160 ग्राम उदुम्बर की हरी तथा ताजी पत्तियों को धोकर मोटा पीस लें और 640 मिलीलीटर पानी के साथ उबालें। पानी घटकर आधा बचने पर इसको छानकर 1 ...................

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उलटकंबल  : उलटकंबल शीत (ठण्डे) प्रदेश की वनस्पति है लेकिन गर्म प्रदेशों में 3000 फुट से 4000 फुट की ऊंचाई तक उत्तर प्रदेश से लेकर बंगाल, आसाम, खसिया तथा सिक्किम आदि ...................

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उन्नाव  : उन्नाव ठण्डा, रसीला तथा नम्र होता है। इसका पका हुआ फल मल को रोकने वाला होता है। यह खाने में देर से पचने वाला फल है तथा आमाशय के लिये हानिकारक होता है...................

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ऊंटकटेरा  : ऊंटकटेरा के क्षुप (झाड़ीनुमा पौधे) जंगलों में होते हैं इसकी टहनियां (डाल), फल और पत्ते सभी पर तेज कांटे होते हैं। ऊंट कटेरा वृक्ष की सभी टहनियों के ऊपर गोल फल ...................

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उड़द  : उड़द की दाल का उत्पादन पूरे भारत में होता है। इसकी दाल का रंग सफेद होता है। इसकी दाल व बाजरे की रोटी मेहनती लोगों का प्रिय भोजन है। यह पौष्टिक और शीतल ...................

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उशीरादि चूर्ण  : उशीर का जड़ और पिप्पली की जड़ प्रत्येक का 10-10 ग्राम अलग-अलग धूप में सुखाकर चूर्ण बनाकर मिला लें...................

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उशीर  : खस, लामज्जक, मृगाल, कम्मु, सुगन्धिमूल, दाह हरण, हरिप्रिय, वीरण, बहुलूलक आदि उशीर के नाम हैं...................

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उस्ताखुद्दुस  : उस्तोखुद्दुस खट्टा, रसीला, गरम प्रकृति वाला, सुगंधित, शक्ति प्रदान करने वाला, हृदय तथा मस्तिष्क को बल प्रदान करने वाला, पित्त-कफ-वात को नष्ट करने वाला होता है...................

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उतरन   : उतरन तीखापन, ठण्डा, छोटा होता है। यह उल्टी, घाव, वात-पित्त-कफ, कीड़े, पेशाब करते दौरान धातु का आना, गर्भाशय के विकार तथा योनिदोष को दूर करता है। यह पारे को बांधने...................

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