होम्योपैथी

Kisi vyakti ke swasthy avastha men koyee aushadhi khane par shareer men jo sare lakshan prakat hone lagate hai vaise hi lakshan wali bemari us aushadi ki thodi matra ke prayog se aram pam jane ka nam homeopathy hai.

होम्योपैथी


क्या है होम्योपैथी-

          किसी व्यक्ति के स्वस्थ अवस्था में कोई औषधि खाने पर शरीर में जो सारे लक्षण प्रकट होने लगते हैं वैसे ही लक्षण वाली बीमारी उस औषधि की थोड़ी मात्रा के प्रयोग से आराम पड़ जाने का नाम होम्योपैथी है जैसे अगर किसी स्वस्थ व्यक्ति को थोड़ी सी संखिया (आर्सेनिक) औषधि सेवन करा दी जाए तो उस व्यक्ति में हैजा रोग की तरह दस्त, उल्टी, बार-बार प्यास लगना जैसे लक्षण दिखाई देने लगते हैं। लेकिन अगर किसी हैजा के रोगी को दस्त, उल्टी, बार-बार प्यास लगना जैसे लक्षण प्रकट होते हो तो इस संखिया (आर्सेनिक) औषधि की थोड़ी सी मात्रा लेने से वह लक्षण दूर हो जाते हैं। इसी तरह एक स्वस्थ व्यक्ति अगर थोड़ी सी क्रिनाइन औषधि खा लेता है तो उसे मलेरिया के बुखार के लक्षण प्रकट हो जाते हैं और इन्हीं लक्षणों वाले रोगी को अगर क्रिनाइन औषधि की थोड़ी सी मात्रा खिला दी जाए तो रोगी ठीक हो जाता है। ऐसे ही अफीम भी है जैसे कोई स्वस्थ व्यक्ति अगर ज्यादा अफीम खा लेता है तो उसे पेट में कब्ज हो जाती है, रात को नींद नहीं आती, नशा सा चढ़ा रहता है और यही थोड़ी सी अफीम ऐसे लक्षणों वाले रोगी को खिलाने से लाभ होता है।

औषधि क्या है?-

          औषधि वह होती है जो देखभाल कर और सही तरीके से खाई जाए तो वह एक मरते हुए इंसान को नया जीवन दे सकती है और अगर लापरवाही से खाई जाए तो अच्छे-खासे इंसान के स्वास्थ्य को खराब कर सकती है जैसे संखिया, क्रिनायन, अफीम आदि।

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कुछ खास अर्टिकल


कैंसर

गुटखा आदि खाने के कारण आज अधिक औरतों में मुंह का कैंसर रोग होते हुए देखा गया है। कैंसर हल्का (बनिंग) और भयंकर (मलिंगन्ट) दो प्रकार का होता है। इन दोनों के अलावा एक प्रकार का कैंसर और भी होता है जिसे भी कर्कट या कैंसर कहते हैं। .....................Read More


मानसिक आघात

मानसिक आघात के कारण से रोगी का शरीर बर्फ की तरह ठण्डा पड़ गया हो लेकिन फिर भी वह अपने शरीर को कपड़े से ढंकना पसंद न करे और अपने शरीर से कपड़े को उतार फेंके। उसे शरीर में अंदरूनी ठण्ड महसूस होती है लेकिन शरीर पर कपड़ा रखना अच्छा नहीं लगता है।....Read More

बालों का झड़ना

किसी-किसी व्यक्ति के शरीर में हारमोन्स की कमी होने के कारण उसके शरीर के किसी अंग की पुष्टि पूरी तरह नहीं हो पाती, इसलिए उस हारमोन्स को शरीर में पैदा करने की औषधि का सेवन करना जरूरी होता है। जैसे थाइरॉयड ग्लैण्ड के हारमोन्स पूरी मात्रा में न होने के कारण व्यक्ति के बाल सफेद हो जाते हैं................Read More

एक्जिमा

इस रोग में पहले त्वचा पर जलन होती है और फिर कुछ दिनों बाद उससे पीब निकलने लगता है जिसे एक्जिमा कहते हैं। इसके बाद त्वचा पर लाल-लाल फुन्सियां उत्पन्न होती हैं जिसमें खुजली होती है और खुजलाने से ये फुन्सियां फूट जाती हैं और घाव बन जाता है।.......Read More
 
गुदाद्वार के अंत में जो शिराएं होती है उनमें सूजन आ जाने या बढ़ जाने को ही बवासीर कहते हैं। जब यह शिराएं सूज या बढ़ जाती है तब मस्सा या बलि कहते हैं। गुदाद्वार की इन शिराओं में सूजन गुदा के अंदर या बाहर हो सकती है। .....................Read More