चोट, मोच, फोड़ा तथा फुंसियां

  << Back to Homeopathic Treatment Home-Page

चोट, मोच, फोड़ा तथा फुंसियां

(INJURY | SPRAIN | BOILS AND PIMPLES)


जलांतक (पानी से डर)

अर्बुद

कार्बंकल

अपरस

अरुणिमा

एलर्जी

बिना मुंह का फोड़ा

शया-क्षत

बिवाई (सर्दी से त्वचा का फटना)

रगड़ लगना

कैंसर

चेचक के टीके से होने वाली हानि

चेचक, शीतला या मसूरिका

छोटी माता

चोट या जख्म

ऑपरेशन का आघात

त्वचा पर फफोले पड़ना

फोड़ा

फुन्सी, घनवटी, पिंपल

पीली फुन्सियां

पोतड़ों के कारण कूल्हों पर चकत्ते

त्वचा का मोटा पड़ जाना

त्वचा का नीला पड़ जाना

त्वचा के नीचे रक्तस्राव (खून आना)

उस्तरे से कटे बालों की जड़ों में खुजली

विभिन्न प्रकार की सूजन (शोथ)

त्वचा के हल्के-भूरे निशान

एक्जिमा (पामा, अकौता, छाजन)

शैवालिका या घमौरी (पसीने की लाल फुन्सियां)

जहरीला घाव

जख्म, घाव या व्रण

जख्म का उभरा हिस्सा

जख्म का ऊंचा-नीचा निशान

जल चेचक

जल जाना या झुलस जाना

दाह या जलन होना

कैन्डीडायासीस

कीड़े काट लेने का उपदाह (जलन)

खाज-खुजली

खाल उधड़ना (त्वचा का छिल जाना)

मलद्वार और बाहरी जननेन्द्रिय की खुजली

रूसी

फोड़े का सड़ना

सिफिलिस या उपदंश रोग

सूजन

त्वचा या त्वक इन्द्रिय के उपसर्ग

त्वचा की देखभाल के नियम

त्वचा का सफेद होना

त्वचा का लाल होना

त्वचा पर लाल या सफेद दाने होना

त्वचा के रोग

त्वचा के स्नायु मार्ग के छाले