हृदय


हृदय

(Heart)


हृदय को रक्त परिसंचरण तन्त्र का मुख्य और खास अंग माना जाता है। यह एक पेशीय, खोखला, संकुचनशील, शंक्वाकार अंग होता है  Hriday ko rakt parisancharan tantr ka mukhy aur khas ang mana jata. Yah ek peshiy, khokhala, sankuchanshil, shandwakar angहृदय क्या है ?


हृदय को रक्त परिसंचरण तन्त्र का मुख्य और खास अंग माना जाता है। यह एक पेशीय, खोखला, संकुचनशील, शंक्वाकार अंग होता है जो छाती में उरोस्थि के पीछे दोनों फेफड़ों के मध्य ऊतकों के एक भाग (इसे मीडिएस्टिनम कहते हैं) के थोड़ा बायीं ओर को हटा हुआ तिरछेपन के साथ स्थित रहता है। कुछ बाईं ओर को हटा हुआ होने के कारण इसका एक तिहाई भाग शरीर की मध्य रेखा से दाईं तरफ तथा दो तिहाई भाग बाई तरफ स्थित रहता है.................

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