सूर्य चिकित्सा द्वारा उपचार

Pratyksh ya apratyaksh roop se prithwi par sabhi jiwdhariyon ka jiwan soory ke prakash par hi nirbhar hai. Isase hamare sharer ki rog pratirodhak shakti badati hai tatha sharer nirog rahata hai.


सूर्य चिकित्सा द्वारा उपचार


सूर्य की किरणें हमारे शरीर के लिए बहुत अधिक लाभकारी होती हैं। मनुष्य की शारीरिक शक्ति की पूर्ति भी सूर्य की किरणों के द्वारा होती है। सूर्य की किरणों को हम दो रूपों में प्राप्त करते हैं। पहला तो इसे हम सीधे नंगे बदन अपने शरीर पर लेते हैं तथा दूसरे रूप में इसे हम पेड़-पौधों, पशु-पक्षियों तथा आहार के द्वारा प्राप्त करते हैं। पेड़-पौधे सूर्य के प्रकाश को प्रोटीन, विटामिन तथा अन्य रूपों में लेते हैं। पशु पक्षी सूर्य के प्रकाश को चर्बी, रंग और विटामिन के रूप में प्राप्त करते हैं। ऐसा अनुमान है कि पृथ्वी पर आने वाली सूर्य की किरणों की शक्ति का 0.15 प्रतिशत भाग पौधे प्राप्त करते हैं। इसमें से 90 प्रतिशत शक्ति समुद्री पौधे प्राप्त करते हैं। इस प्रकार धरती के पौधे केवल 0.15 प्रतिशत ही सूर्य के प्रकाश की शक्ति को प्राप्त करते हैं। सूर्य का प्रकाश हानिकारक कीटाणुओं को नष्ट करता है। पेड़ पौधे सूर्य की किरणों को सोखकर मनुष्यों के लिए आहार, औषधियां तथा खाद्य तेल आदि प्रदान करते हैं। अपने इस प्रकार के गुणों के कारण ही सूर्य चिकित्सा की किरणों का प्रयोग विभिन्न प्रकार के रोगों को ठीक करने में उपयोग किया जाता है जो इस प्रकार है-

सूर्य चिकित्सा द्वारा विभिन्न रोगों का उपचार :