समाज में सेक्स का महत्व

Sex ke prati is tarah ki bhawana rakhane wale vyakti murkh aur nadan hote hai jo yah nahi samajh pate hai ki koee bhi vastu kitani bhi achchhi kyon n ho, jaroorat se adhik upyog karane par hani hi pahuchati hai.


समाज में सेक्स का महत्व


आमतौर पर यह सवाल सभी के मन में उठता है कि महीने में सेक्स कितनी बार करना चाहिए। कुछ लोग सेक्स को प्रतिदिन किए जाने वाला कार्य समझते हैं। सेक्स के प्रति इस तरह की भावना रखने वाले व्यक्ति मूर्ख और नादान होते हैं जो यह नहीं समझ पाते हैं कि कोई भी वस्तु कितनी भी अच्छी क्यों न हो, जरूरत से अधिक उपयोग करने पर हानि ही पहुंचाती है। इसी तरह सेक्स की भी अपनी एक स्थिति और समय होता है। आयुर्वेद के अनुसार जो पुरुष स्त्री के साथ संयम और नियम से सेक्स करता है, वह जल्दी बूढ़ा नहीं होता। सेक्स और शरीर विशेषज्ञों का कहना है कि स्त्री-पुरुष दोनों को अपनी स्वास्थ्य क्षमता और शारीरिक शक्ति के अनुसार ही सेक्स करना चाहिए......................

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