षट्कर्म (हठ्योग)

Kuchh yogachary hathyog men yam, niyam ka mahatw nahin mante. Jabki yog ke any granthon men yam, niyam ke mahtwon ko avashyak manta hai.



षट्कर्म (हठ्योग)


योग साधना की सभी क्रियाओं का अपना-अपना महत्व है। परंतु षट्कर्मो का अपना अलग Yog sadhana ki sabhi kriyaon ka apana apana mahtw hota hai lekin shastkamon ka apana alag mahatw hai. ही महत्त्व है। योग गुरू षट्कर्म का वर्णन करते हुए कहते हैं कि इसके अभ्यास के बिना यदि कोई व्यक्ति योगाभ्यास करता है, तो उसे योग में सफलता प्राप्त करने में अधिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है।