वैशिकं

वेश्या को उसी व्यक्ति को अपनी सहायता करने वाला बनाना चाहिए, जो उसके प्रेमी को उसकी ओर आकर्षित कर सके तथा उस पर आये हुए संकट को दूर कर सके।


वैशिकं


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वेश्या को उसी व्यक्ति को अपनी सहायता करने वाला बनाना चाहिए, जो उसके प्रेमी को उसकी ओर आकर्षित कर सके तथा उस पर आये हुए संकट को दूर कर सके। यदि वेश्या के साथ सेक्स करने वाला व्यक्ति उसका शोषण करना चाहे तो सहायता करने वाला व्यक्ति उसकी मदद कर सके जिससे उसका शोषण न हो.............................
चाहे वेश्या की सगी मां हो अथवा मानी गयी मां हो- दोनों वेश्यापुत्री पर मोहित व्यक्ति के साथ अधिक प्रेम प्रदर्शित नहीं करती हैं क्योंकि अधिक प्रेम प्रदर्शित से नुकसान भी हो सकता है.............................
आचार्यों का कहना है कि यदि वेश्या को अपने से मिलने वाले से जितना धन चाहिए होता है उतना अगर उसे आसानी से मिल जाता है तो वेश्या को अधिक धन ऐंठने के उपाय नहीं करने चाहिए................................
यदि प्रेमी यहां तथा वहां दोनों स्थानों से स्वयं हटकर फिर आने की कहे तो वह दोनों नायिकाओं के गुणों की परवाह न करने वाला चंचल बुद्धि का होता है। उससे फिर से सेक्स न किया जाए..............................
वेश्या के पास सेक्स करने के लिए आने वालों की संख्या अधिक होने से उनमें परस्पर प्रतिस्पर्धा बढ़ जाती है। इस कारण से वेश्या की आमदनी बढ़ जाती है। इसलिए वेश्या को किसी एक व्यक्ति विशेष से सेक्स न करके प्रतिदिन नये ग्राहकों से सेक्स करना चाहिए...............................
वे अनर्थ उनके अनुबंध तथा संशय, बेवकूफी से अधिक प्रेम करने से, अधिक गर्व करने से, निहायत आसानी से, अधिक यकीन करने से, अधिक गुस्सा करने से, प्रमाद से, बिना सोचे-समझे काम करने से तथा देवयोग से वेश्याओं पर टूट पड़ते हैं...............................