लसीकीय केशिकाएं एवं अन्य वाहिकाएं


लसीकीय केशिकाएं एवं अन्य वाहिकाएं

(Lymphatic capillaries and other vessels)


     लसीकीय केशिकाओं की संरचना कुछ-कुछ रक्त केशिकाओं से मिलती-जुलती होती है। रक्त केशिकाओं की तरह ये भी एण्डोथीलियमी कोशिकाओं की सिर्फ एक परत की बनी होती हैं लेकिन इनकी भित्तियां अधिक पारगम्य होती हैं, जो अन्तरालीय द्रव के घटकों का अवशोषण कर लेती हैं तथा श्वेत रक्त कोशिकाएं भित्तियों से होकर बाहर निकल जाती हैं। लसीकीय केशिकाएं ऊतकों की केशिकाओं के बीच जाल के जैसी फैली रहती है। इनमें साफ जल के समान पारदर्शी द्रव लगातार प्रवाहित होता रहता है। ये बन्द सिरे वाली छोटी-छोटी नलियों के रूप में अक्सर सभी अंगों के अन्तरालीय अवकोशों (interstitial spaces) से शुरु होती हैं। ये रक्त केशिकाओं की अपेक्षा हल्की-सी चौड़ी होती हैं। केन्द्रीय स्नायविक संस्थान (Central nervous system) एवं कार्निया में इनका अभाव रहता है।

     छोटी आंत की आन्तरिक सतह पर स्थित अंकुरों (villi) में विशेष प्रकार की लसीकीय केशिकाएं पाई जाती हैं जिन्हें ‘दुग्ध वाहिकाएं’ या लैक्टीयल्स (lacteals) कहा जाता है। लैक्टीयल्स छोटी आंत से वसा (fat) को अवशोषित करती हैं तथा इसे पूरे शरीर में वितरण के लिए रक्त में पहुँचा देती हैं। लसीका लैक्टीयल्स में (lymph) वसा की मौजूदगी के कारण दूध के समान सफेद होती हैं, जिसे ‘काइल’ (chyle) कहा जाता है।

       कई लसीकीय केशिकाएं आपस में मिलकर बड़ी संचयी वाहिकाएं (collecting vessels) बनाती हैं जिन्हें लसीकीय वाहिकाएं (lymphatics) कहा जाता है। ये शिराओं (नसों) से मिलती-जुलती होती हैं, परन्तु इनकी भित्तियां शिराओं की भित्तियों से ज्यादा पतली होती हैं। इनमें शिराओं की तरह अपेक्षाकृत अधिक संख्या में कपाट (वाल्व्स) रहते हैं जो लसीका को पीछे की ओर प्रवाहित होने से रोकते हैं। लसीकीय वाहिकाएं अक्सर रक्त वाहिकाओं के समानान्तर रहने वाले संयोजी ऊतक में पायी जाती है। शरीर के अंदर ये लसीकीय वाहिकाएं (लिम्फेटिक्स) दो सेटों में स्थित रहती हैं- उपरिस्थ (superficial) एवं गहन (deep)। साथ ही ये विभिन्न लिम्फ-नोड्स में से होकर गुजरती हैं। त्वचा एवं अवत्वचीय ऊतकों में उपरिस्थ लसीकीय वाहिकाएं उपरिस्थ शिराओं के साथ तथा गहन वाहिकाएं, गहन शिराओं एवं धमनियों के साथ चलती हैं।

     लसीकीय वाहिकाएं (लिम्फेटिक्स) एक-दूसरे से जुड़कर दो बड़ी नलिकाएं (ducts) बनाती हैं- दायीं लसीकीय नलिका (right lymphatic duct) और वक्षीय नलिका (thoracic duct)। ये दोनों नलिकाएं अपने-अपने लसीका को हृदय के ऊपर स्थित सबक्लेवियन शिराओं में पलट देती हैं।