रक्त परिसंचरण

Hriday aur rakt vahiniyon men se hokar rakt sharir men pravahit hota hai. Rakt jis sthan se apna safar karana shuroo karata hai.


रक्त परिसंचरण


Hirdy aur Rakt Vahiniyon men hokar ur rakt sharir men pravahit hota hai. रक्त परिसंचरण क्या है?


जीवित अवस्था में रक्त हमेशा शरीर में घूमता रहता है। रक्त के इसी प्रकार से घूमने की क्रिया को रक्त परिसंचरण कहते हैं। हृदय और रक्त वाहिनियों में से होकर ही रक्त शरीर में प्रवाहित होता है। रक्त, जिस स्थान से अपना सफर करना शुरु करता है, पूरे शरीर में घूमने बाद दुबारा उसी स्थान पर पहुंच जाता है और इस बन्द परिपथ चक्र (Closed circuit) में ही जीवनभर घूमता रहता है, जो इस प्रकार है-

रक्त बाएं निलय (Lt. ventricle) से- महाधमनी (Aorta) में- धमनी (Artery) में- धमनिकाओं (Arterioles) में- केशिकाओं (Capillaries) में-शिरिकाओं (venules) में- शिराओं (Veins) में- महाशिराओं (Venae cavae) में- दाएं अलिन्द (Rt atrium) में- दाएं निलय (Rt ventricle) में-  फुफ्फुसीय धमनी (pulmonary artery) में- फुफ्फुसीय शिराओं (Pulmonary veins) में- बाएं अलिन्द में- और दुबारा बाएं निलय में पहुंचकर, फिर इसी परिपथ चक्र के आधार पर पूरे शरीर में लगातार प्रवाहित होता रहता है..................

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