योग के बारे में कुछ जानकारी

Yog ki paddhdatiyan is roop se gathit hue hain ki we n sif sharer kea alag alag ango ki takat ko banaye rakhati hai balki unhe badati bhi hai.


योग के बारे में कुछ जानकारियां

प्राणायाम के अभ्यास से पहले कुछ सांस क्रिया का अभ्यास करना आवश्यक है। इससे प्राणायाम के अभ्यास में मदद मिलती है, जिससे अधिक समय तक प्राणायाम का अभ्यास किया जा सकता है। यह श्वास क्रिया मुख्य रूप से सरल व्यायाम है, फिर भी सांस क्रिया को लयबद्ध बनाने के लिए इस व्यायाम को करना अधिक लाभकारी है। इससे शरीर के सभी अंग-प्रत्यंग स्वस्थ बनते हैं................................
योग स्वास्थ्य का पूरा विज्ञान है। इसका संबंध शरीर के सारे अंगों के अच्छी तरह से काम करने, उनके बीच सही तरह से तालमेल के अलावा मन के सही रूप में काम करने की समझ से होता है। ये आधुनिक चिकित्सा प्रणाली से इस तरह से अलग होता है कि इस प्रणाली का संबंध सिर्फ रोगों, उनके उपचार और उनको ठीक करने से होता है।..............................
योग के गुरुओं के मुताबिक लम्बे समय तक आराम से एक ही स्थिति में बैठने आदि का अभ्यास करना `आसन´ कहलाता है। योग के आसन भी एक तरह के व्यायाम की तरह ही होते हैं। लेकिन दूसरे शारीरिक व्यायामों की अपेक्षा ये पूरी तरह से वैज्ञानिक पद्धति पर आधारित हैं। जिनको हमारे भारतीय महर्षियों ने मनुष्य जाति भलाई के लिए ...............................
हमारे यहां अक्सर एक बात कही जाती है, `जैसा अन्न वैसा तन´ मतलब कि जो भोजन हम करते है उसका असर हमारे शरीर पर ही नही बल्कि हमारे दिमाग पर भी पड़ता है। हमारी भोजन करने की जो आदतें होगी उसी तरह हमारी सोचने और समझने की आदत भी पड़ जाती है। इसी कारण से योगकत्ताओं ने कुछ खास तरह के नियमों पर जोर दिया है।...............................
खों के लिए योगासन के अभ्यास को बिल्कुल सीधे तनकर या बैठकर अलग-अलग स्थितियों में किया जा सकता है। किसी भी अभ्यास को करने के बाद लगभग 30 सैकेंड तक आंखों को बंद रखें और उन्हें आराम दें।................................

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