मुद्रायन

Has mudra turant hi apna asara dikhana chaloo kar deti hai. Jis haath se ye mudrayen banate hain, sharer ke ulte hisse men unka turant hi najar anan shuroo ho jata hai.


मुद्रायन


अग्नि मुद्रा    |   अपान मुद्रा    |    भुजंगिनी मुद्रा    |   ध्यान मुद्रा    |   कालीमुद्रा    |   ज्ञान मुद्रा    |   हस्तमुद्रा    |     नमस्कार मुद्रा    |    मयूरी मुद्रा    |   किडनी मुद्रा    |    लिंग मुद्रा   |   योगमुद्रा    |    यम हरिमुद्रा    |    आम्भ्सी धारणा    |    अदिती मुद्रा    |    आग्नेयी धारणा    |    आकाश दाब मुद्रा    |    आकाश मुद्रा    |    आकाशी धारणा    |    अभय ज्ञान मुद्रा    |     अग्निशक्ति मुद्रा    |    अगोचरीमुद्रा    |    अकाल हरिमुद्रा    |    अन्तस्वर मुद्रा    |    अनुशासन मुद्रा    |      अपान वायु मुद्रा    |    अश्विनी मुद्रा    |    बन्ध और मुद्राएं    |      ब्रजोली मुद्रा    |    चैतन्य हरिमुद्रा    |    चिन्मयहरि मुद्रा    |    चित्त मुद्रा    |    देव ज्योतिमुद्रा    |    देव मुद्रा    |    ज्ञान ध्यानमुद्रा    |    ज्ञान बैराग्य मुद्रा    |    घेरंड उवाच    |    गोरक्ष मन मुद्रा    |    खेचरी मुद्रा    |    काकी मुद्रा    |    हस्तपात मुद्रा    |    हरि ध्यान मुद्रा    |    ज्ञान शक्ति मुद्रा    |     गुप्तहरि मुद्रा    |    गोरक्ष मुद्रा    |   |    माहात्मय    |    माण्डुकी मुद्रा    |    मातंगिनी मुद्रा    |    महाबन्ध मुद्रा    |    महाबेधि मुद्रा    |    नाशिनी हरि मुद्रा    |    नासिकाग्र दृष्टि मुद्रा    |     मृगी मुद्रा    |    मुद्रा    |    महामुद्रा    |    नभोमुद्रा    |    नटवरहरि मुद्रा    |    पान मुद्रा    |    पंकज मुद्रा    |    पंचतत्व और मुद्राएं    |    पंचधारणा मुद्रा    |    पंचशक्ति मुद्रा    |    योनिशून्य मुद्रा    |    व्यान मुद्रा    |    वरुण मुद्रा    |    वज्रोलिनी मुद्रा    |    वक्ष राक्षिणी हरि मुद्रा    |    वायवीय धारणा    |    विपरीतकरणी मुद्रासन    |    वायु मुद्रा    |    वायु जोड़ मुद्रा    |    ऊर्जा चल मुद्रा    |    उदान मुद्रा    |    तत्व प्राण मुद्रा    |    तत्व ज्ञान मुद्रा    |    तत्व चालिनी मुद्रा    |    तेज पृथ्वी मुद्रा    |    ताड़नमुद्रा    |    तड़ागी मुद्रा    |    ताड़ मुद्रा    |    सूर्य मुद्रा    |    सुरभि मुद्रा    |    समान मुद्रा    |    शवमुद्रा    |    शून्य मुद्रा    |    षडरस और मुद्राएं    |    शंख मुद्रा    |    स्नायु संस्थान और मुद्राएं    |    शक्ति चालिनी मुद्रा    |    पृथ्वी मुद्रा    |    पाशिनी मुद्रा    |    पार्थिवी धारणा    |    प्राणमुद्रा    |    पुष्पांजली मुद्रा    |    रक्तशोधिनी हरिमुद्रा    |    रज मुद्रा    |    शक्ति मुद्रा    |    शक्ति पान मुद्रा    |    सांस को ज्यादा समय तक फेफडों के अंदर रोकने की कला    |    शाम्भव मुद्रा    |    सहज मुद्रा    |    समन्वय मुद्रा    |    सहज शंख मुद्रा    |    वीतराग मुद्रा    |    शीत रक्तहरि मुद्रा   |   बोधि सव्व ज्ञानमुद्रा    |    हंसी मुद्रा

 

योग में आसन, प्राणायाम, मुद्रा, बंध अनेक विभाग बनाए गए हैं। इनमें हस्त मुद्राओं का बहुत ही खास स्थान है। मुद्रा जितनी भी प्रकार की होती है उन्हें करने के लिए हाथों की सिर्फ 10 ही उंगलियों का उपयोग होता है। उंगलियों से बनने वाली मुद्राओं में रोगों को दूर करने का राज छिपा हुआ है। हाथों की सारी उंगलियों में पांचों तत्व मौजूद होते हैं। मुद्रा और दूसरे योगासनों के बारे में बताने वाला सबसे पुराना ग्रंथ घेरण्ड संहिता है। हठयोग के इस ग्रंथ को महर्षि घेरण्ड ने लिखा था। इस ग्रंथ में योग के देवता भोले शंकर ने माता पार्वती से कहा है कि हे देवी, मैने तुम्हें मुद्राओं के बारे में ज्ञान दिया है सिर्फ इतने ही ज्ञान से सारी सिद्धियां प्राप्त होती हैं।

मानव शरीर के बारे में एक बात हर कोई जानता है कि हमारा शरीर आकाश, वायु, अग्नि, जल और पृथ्वी के मिश्रण से बना हुआ है और हाथों की पांचों उंगलियों में से अलग-अलग तत्व मौजूद हैं जैसे अंगूठे में अग्नि तत्व, तर्जनी उंगली में वायु तत्व, मध्यमा उंगली में आकाश तत्व और अनामिका उंगली में पृथ्वी और कनिष्का उंगली में जल तत्व मौजूद है।

          जिस तरह इस संसार में धन वाली मुद्रा का बहुत ही खास महत्व है, ऐसे ही उंगलियों को एक दूसरे से छूते हुए किसी खास स्थिति में इनकी जो आकृति बनती हैं, उसे मुद्रा कहते हैं। मुद्रा के द्वारा अनेक रोगों को दूर किया जा सकता है। उंगलियों के पांचों वर्ग पंचतत्वों के बारे में बताते हैं। जिससे अलग-अलग विद्युत धारा बहती है। इसलिए मुद्रा विज्ञान में जब उंगलियों का रोगानुसार आपसी स्पर्श करते हैं, तब विद्युत बहकर शरीर में समाहित शक्ति जाग उठती है और हमारा शरीर निरोगी होने लगता है।

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