भोजन के पोषक तत्व

Aadhunik chikitsa vigyan lambe samay se bhojan se sambandhit khojon men laga hua hai. Sansar ke pratyek deshon aur waha ki bhinn bhinn jatiyon, upjatiyon ka bhojan bhi alag alag prakar ka hota hai.

भोजन के पोषक तत्व


भोजन के अंग:

भोजन हमारे शरीर को स्वस्थ रखने के लिए जितना जरूरी होता है उससे कहीं अधिक यह जीवन के अस्तित्व को बनाए रखने के लिए जरूरी होता है। यह शरीर में शक्ति और ऊष्णता पैदा करता है। आधुनिक चिकित्सा विज्ञान लम्बे समय से भोजन से संबंधित खोजों में लगा हुआ है। संसार के प्रत्येक देशों और वहां की भिन्न-भिन्न जातियों, उपजातियों का भोजन भी...............................

काष्ठोज: 

खाद्य-पदार्थों के महीन और खुरदरे भाग को `काष्ठोज´ कहा जाता है। काष्ठोज भोजन के साथ पचता नहीं है और न ही शरीर का अंश बनता है। काष्ठोज आंतों की कार्यप्रणाली में सहायक होता है। इसकी उपस्थिति से आंतों में मल संचित नहीं हो पाता और आसानी के साथ बाहर निकलता है जिससे रोगी को कब्ज नहीं हो पाती है। प्रकृति ने ऐसे फलों-सब्जियों तथा अनाजों का निर्माण किया है............................

 प्रोटीन :

भोजन का मुख्य आवश्यक तत्व है- प्रोटीन। यही तत्व शरीर की कोशिकाओं अर्थात् मांस आदि का निर्माण करता है। इसकी प्रचुर मात्रा भोजन में रहने से शरीर की कोशिकाओं का निर्माण और मरम्मत आदि का कार्य सुचारू रूप से जीवन भर चलता रहता हैं। प्रोटीन में कार्बन, हाइड्रोजन, ऑक्सीजन, नाइट्रोजन तथा गंधक के अंश मिले रहते हैं। इसमें फास्फोरस भी विद्यमान हो सकता है.............................

वसा (चर्बी):

वसा अर्थात चिकनाई शरीर को क्रियाशील बनाए रखने में सहयोग करती है। यह प्राणी समूह तथा वनस्पति समूह दोनों प्रकार से प्राप्त होती है। इससे शरीर को दैनिक कार्यों के लिए शक्ति प्राप्त होती है। इसको शक्तिदायक ईंधन भी कहा जाता है। एक स्वस्थ व्यक्ति के लिए रोजाना 100 ग्राम चिकनाई का प्रयोग करना अति आवश्यक माना जाता है। यह काफी देर से पचती है..............................

जल:

पानी हमारे भोजन का एक प्रमुख व महत्वपूर्ण घटक है। मानव शरीर में बचपन में लगभग 75 प्रतिशत एवं बुढ़ापे में लगभग 60 प्रतिशत पानी होता है। पानी कोशिकाओं के मध्य भरा रहता है, जोकि रक्त में प्लाजा के रूप में आंत्र रस, लसिका (लिम्प), यकृत एवं बैक्ट्रीयाज के स्राव में पाया जाता है.................................

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कार्बोहाइड्रेटस:

कार्बोहाइड्रेट शरीर में शक्ति उत्पन्न करने का प्रमुख स्रोत है। शरीर को शक्ति और गर्मी प्रदान करने के लिए यह चर्बी की तरह कार्य करता है। कार्बोहाइड्रेटस चर्बी की अपेक्षा शरीर में जल्दी पच जाते हैं। शरीर को कार्बोहाइड्रेट दो प्रकार से प्राप्त होता है- पहला स्टार्च तथा दूसरा चीनी। गेहूं, ज्वार, मक्का, बाजरा, मोटे अनाज, चावल, दालें तथा जड़ों वाली सब्जियों में पाए...............................