भूख न लगना


भूख न लगना

(Want of Appletite) (Anorexia)


विभिन्न औषधियों से चिकित्सा :-

चायना :-

          भूख नहीं लगती लेकिन खाना खा लेने पर भूख दूबारा लगने लगती है। ऐसे लक्षण रोगी में है तो उसके रोग को ठीक करने के लिए चायना औषधि की 30 या 200 शक्ति का उपयोग कर सकते हैं।

नक्स वोमिका :-

          भूख लगने पर जीभ का स्वाद कड़वा और पीछे का भाग में पीला पड़ जाता है। इस प्रकार के लक्षण को दूर करने के लिए नक्स वोमिका औषधि की 30 शक्ति का प्रयोग करने से लाभ मिलता है।

इग्नेशिया :-

          भूख ठीक से नहीं लगती है लेकिन फिर भी कई प्रकार की खाने की वस्तुओं को खाने का मन करता है। इस अवस्था में रोगी के रोग को ठीक करने के लिए इग्नेशिया औषधि की 200 शक्ति का उपयोग किया जा सकता है।

रस टॉक्स :-

          किसी भी पदार्थों को खाने का मन न करना। यह लक्षण यदि किसी रोगी में है तो उसके इस लक्षण को दूर करने के लिए रस टॉक्स औषधि की 30 से 200 शक्ति उपयोग किया जाना चाहिए।

लाइकोपोडियम :-

          थोड़ा सा भी खाने से पेट भरा हुआ लगता है, मीठा खाने का मन करता है, रोगी खाना तथा पीना चाहता है। पेट में हवा भरी रहती है इसलिए थोड़ा सा खाना खाने से ही पेट भर जाता है। ऐसे रोगी के रोग को ठीक करने के लिए लाइकोपोडियम औषधि की 30 शक्ति का उपयोग करना लाभकारी होता है।

जेंटियांना लुटियाना :-

          किसी भी रोग से पीड़ित रोगी का भूख मर जाना अर्थात उसे भूख बिल्कुल भी न लगना। टी.बी. रोग या अम्ल रोग से पीड़ित रोगी की भूख कभी-कभी मर जाती है। इस प्रकार के लक्षण यदि रोगी में है तो उसे भोजन कराने से आधे घंटे पहले पानी के साथ जेंटियांना लुटियाना औषधि का मूलार्क या 3x मात्रा के पांच बूंद देने से रोगी की भूख खुल जाती है।

हाइड्रोस्टिस, ऐण्टिम-क्रूड :-

          इन औषधियों का प्रयोग करके रोगी के भूख न लगने के रोग को ठीक किया जा सकता है।

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