Error message

  • User warning: The following theme is missing from the file system: global. For information about how to fix this, see the documentation page. in _drupal_trigger_error_with_delayed_logging() (line 1156 of /home/jkheakmr/public_html/hindi/includes/bootstrap.inc).
  • User warning: The following module is missing from the file system: mobilizer. For information about how to fix this, see the documentation page. in _drupal_trigger_error_with_delayed_logging() (line 1156 of /home/jkheakmr/public_html/hindi/includes/bootstrap.inc).
  • User warning: The following module is missing from the file system: global. For information about how to fix this, see the documentation page. in _drupal_trigger_error_with_delayed_logging() (line 1156 of /home/jkheakmr/public_html/hindi/includes/bootstrap.inc).

फुफ्फुसीय परिसंचरण


फुफ्फुसीय परिसंचरण

(Pulmonary circulation)


      फुफ्फुसों को रक्त पहुंचाने का कार्य फुफ्फुसीय परिसंचरण के द्वारा पूरा होता है। वाहिकाएं अशुद्ध (डिऑक्सीजिनेटेड) रक्त को हृदय से फुफ्फुसों तक ले जाती हैं और वहां रक्त शुद्ध (ऑक्सीजिनेटेड) होकर दुबारा हृदय में आ जाता है। यहां से शुद्ध (ऑक्सीजिनेटेड) रक्त बाकी शरीर में वितरित होता है। फुफ्फुसीय परिसंचरण में 4 से 8 सेकण्ड का समय लगता है।

     हृदय के दाएं निलय (वेन्ट्रिक्ल) से फुफ्फुसीय धमनी (pulmonary trunk) के द्वारा फुफ्फुसीय रक्त परिसंचरण की शुरुआत होती है। फुफ्फुसीय ट्रंक पांचवें थॉरेसिक वर्टिब्रा (कशेरुका) के स्तर पर दाई और बाईं फुफ्फुसीय धमनियों में बंट जाता है। यह धमनियां क्रमशः दाएं और बाएं फुफ्फुसों में पहुंच जाती हैं। यहां ये धमनिकाओं में बंटकर ब्रोन्काई (bronchi) के साथ-साथ आगे बढ़ती हैं। आगे ये सूक्ष्म केशिकाओं (capillaries) में बंटकर ब्रोन्कियोल्स (bronchioles) के सिरों तक पहुंच जाती हैं। यहां गैसों का आदान-प्रदान होता है, जिसके फलस्वरूप अशुद्ध रक्त शुद्ध रक्त में बदल जाता है। शुद्ध रक्त को शिरिकाएं (venules) जमा कर लेती हैं और चार बड़ी शिराएं (veins) बनाती हैं। इनमें से दो शिराएं दाएं फुफ्फुस से तथा दो शिराएं बाएं फुफ्फुस से शुद्ध (ऑक्सीजिनेटेड) रक्त को लेकर बाहर निकलती हैं और अलग-अलग छिद्रों द्वारा बाएं अलिन्द (एट्रियम) में पहुंचा देती हैं। इन चारों शिराओं को ‘फुफ्फुसीय शिराएं’ (pulmonary veins) कहते हैं। ये शिराएं शुद्ध (ऑक्सीजिनेटेड) रक्त का संवाहन करती हैं।

 

मानव शरीर मेन कैटेगरीज :


मानव शरीर का परिचय    |   एनाटॉमी एवं फिजियोलॉजी­     मानव शरीर संरचना के आधारभूत घटक          कोशिका       पोषण एवं चयापचय        ऊतक           पाचन संस्थान        आच्छदीय संस्थान       अस्थि-संस्थान (कंकाल-तन्त्र)      जोड़ या सन्धियां       पेशीय संस्थान        तन्त्रिका तन्त्र       ज्ञानेन्द्रिया       अन्तःस्रावी तन्त्र        रक्त परिसंचरण       लसीकीय तन्त्र   |   श्वसन-संस्थान       मूत्रीय संस्थान        प्रजनन-संस्थान