पृथ्वी चिकित्सा

Prithwi nau grahon men se ek grah hai jo itani badi hote hue bhi sooraj aur bade grahon ki tulana men 1 anu ke barabar bhi nahi hai. Prithvi ke sambandh men ek tisari aashcharyjank baat ye hai ki ussase prithwi par rahane wale jiwon ki utpati.


पृथ्वी चिकित्सा


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आकाश, वायु, जल, अग्नि और पृथ्वी आकाश में सूर्य के चारों ओर अपने रास्ते पर 1 सेकेंड में 18 1/2 मील की रफ्तार से चक्कर लगाती रहती है, लेकिन एक बहुत ही आश्चर्य की बात यह हैपृथ्वी पांचों तत्वों में पृथ्वी तत्व सबसे आखिरी तत्व है। यह बाकी चारों तत्वों का रस है।

यथा- `एषा भूताना पृथ्वी रस:

अर्थात पृथ्वी को अन्न भी कहा जाता है।

पृथ्वी आकाश में सूर्य के चारों ओर अपने रास्ते पर 1 सेकेंड में 18 1/2 मील की रफ्तार से चक्कर लगाती रहती है, लेकिन एक बहुत ही आश्चर्य की बात यह है कि हमको इस तेज चाल का बिल्कुल भी एहसास नहीं होता है तथा दूसरी आश्चर्यात्मक बात यह है कि पृथ्वी का वजन गणितज्ञों के मुताबिक- 6 ट्रिजिसम टन एवरडो पाइज या 6,00,00,00,00,00,00,00,00,00,000 टन है।

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