जल से विभिन्न रोगों का उपचार


जल से विभिन्न रोगों का उपचार


Manav jivan jin paanch tatwon se milkar bana hai usmen jal ka mahtwproon sthan hai, paanch tatwon men prithwi, aakash, agni, paani aur vayu aate hai.पानी से मूर्च्छा, प्यास, नींद का अधिक आना, उल्टी, आलस्य आदि विकार दूर होते हैं तथा शरीर को शक्तिशाली बनाता है। मन को तृप्त करना, हृदय को निरोगी रखना, भ्रम रोग को दूर करना, क्लान्ति तथा शरीर के विभिन्न दोषों व विकारों को दूर करना पानी का कार्य है। पानी 6 प्रकार के रसों को बनाता है, जिससे शरीर स्वस्थ रहता है। पानी संसार में जीवन के लिए अमृत के समान है। पानी का प्राकृतक गुण है- ठंडाकरला, सरलता, हल्कापन, स्वच्छता, व्यापकता, अस्थिरता तथा निर्गुणता।

जल को विभिन्न नामों से जाना जाता है- पानीय, सलिल, नीर, कीकाल, जल, अम्बु, आप, वारि, वारिक, तोय, पय, पाथ, उदक, जीवन, वन, अम्भ:, अर्ण, अमृत और धनरस आदि।

इन नामों में पानी का एक नाम अमृत भी है, जिससे सिद्ध होता है कि जीवन को संसार में मौजूद रखने के लिए पानी का होना अतिआवश्यक है। अत: पानी जीवन का आधार है। यह अनेक प्रकार के रोगों को ठीक करके शरीर को स्वास्थ्य भी बनाता है जो इस प्रकार हैं-

जल से विभिन्न रोगों का उपचार :