जल चिकित्सा के बारे में कुछ विशेष जानकारी

Jal chikitsa ke bare me kuchh vishesh jaankari upchar karane se pahale le lena chahiye tabhi upchar ka achchha labh prapt ho sakata hai.


जल चिकित्सा के बारे में कुछ विशेष जानकारी


मानव के शरीर में 70 प्रतिशत भाग पानी का है और संसार के तीन चौथाई भाग में पानी ही है। मानव शरीर की उत्पत्ति पंचतत्वों से हुई है, जिसमें जल का महत्वपूर्ण स्थान है।................ 
किसी भी तरह के रोग में साधारणत: ठंडे पानी का ही डूस लेना लाभकारी होता है। परन्तु विशेष स्थितियों में गुनगुने पानी का भी प्रयोग किया जा सकता है। ठंडे पानी का प्रभावकारी लाभ आंतों पर पड़ता है।................ 
भाप कक्ष (स्टीम रूम) यह एक प्रकार का कमरा या बक्सा होता है, जिससे भाप लेने के लिए बनाया गया है। स्टीम रूम चारों ओर से बन्द होता है तथा उसमें भाप पहुंचाने के लिए छोटे-छोटे छिद्र होते हैं।................ 
ऊषापान करने करने की पूर्ण जानकारी होना आवश्यक है। ऊषापान करने के लिए एक तांबे के बर्तन की आवश्यकता होती है। ऊषापान के लिए तांबे का बर्तन प्रयोग करने का कारण यह है................ 
शरीर के तापमान और शक्ति को बनाए रखने के लिए पानी पीना बहुत आवश्यक है। पानी ही शरीर के तापमान को नियंत्रण में करता है और शारीरिक स्वास्थ्य को बनाए रखता है।................ 
हठयोग में कुछ ऐसी भी योग क्रियाएं हैं जिसमें जल का बड़ा महत्व है। शरीर को स्वस्थ रखने के लिए योग क्रिया में पानी का प्रयोग किया जाता है। इन योग क्रियाओं से शरीर के आंतरिक अंग स्वस्थ होते हैं और रोग आदि में अत्यंत लाभ होता है................ 
भोजन और जल का बहुत ही घनिष्ठ संबन्ध है। आमतौर पर भोजन करते समय सभी लोग पानी पीते हैं। परन्तु भोजन करते समय व भोजन करने के आधे घंटे या 1 घंटे तक पानी न पीना ही लाभकारी होता है................