छोटी आंत की पाचक गतियां


छोटी आंत की पाचक गतियां

(Digestive movements of the small intestine)


आमाशय से आया अर्द्धतरल भोजन (Chyme) छोटी आंत की लंबाकार और वृत्ताकार चिकनी पेशी की क्रमबद्ध गतियों द्वारा पाचक रसों से मिश्रित होकर बड़ी आंत में पहुंचा दिया जाता है। छोटी आंत में मुख्यतः दो तरह की पेशीय क्रिया होती है जो भोजन के पाचन में सहायक होती है-

1- खंडीय संकुचन (Segmenting contractions)- आंत, वृत्ताकार चिकनी पेशी में तीव्र संकुचन होने के कारण अलग-अलग भागों में बंट जाती है। संकुचित खंडों के बीच वाले क्षेत्र में अर्द्धतरल भोजन (Chyme) का ग्रास रहता है और फिर खंड शिथिल हो जाते हैं। यह क्रम एक समय तक वृत्ताकार पेशियों में चलता रहता है। जब अर्द्धतरल भोजन (Chyme) पहली बार छोटी आंत में पहुंचता है तो ग्रहणी और (श्रोणीफलक) इलियम एकसाथ ही अलग-अलग भागों में बंटते हैं।

2- क्रमाकुंचक संकुचन (Peristaltic contractions)- ये वह गतियां होती है जो तरंग के समान होती है और आमाशय से शुरू होकर धीरे-धीरे आगे बढ़ती है। इनसे अर्द्धतरल भोजन (Chyme)  छोटी आंत से बड़ी आंत में पहुंचता है। हर तरंग इसके शुरुआती स्थान से छोटी आंत के अंत तक पहुंचने में 100 से 150 मिनट का समय लेती है। क्रमांकुचक संकुचन के छोटी आंत के अंत तक पहुंचने के बाद शुरुआती स्थान पर नई तरंगे शुरु होती है। मोटिलिन नाम का हॉर्मोन क्रमाकुंचक संकुचकों को नियंत्रण में करता है।