गर्भ


Shadi ke bad har stri ko maa banana ka ek sukhad sapana hota hai. Isi sapane se nari ko samaj v parivar mai ek sammanjanak sthan prapt hota hai.

गर्भ


गर्भ

 शादी के बाद हर स्त्री को मां बनने का एक सुखद सपना होता है। इसी सपने से नारी को समाज व परिवार में एक सम्मानजनक स्थान प्राप्त होता है। लेकिन आज की कुछ पढ़ी-लिखी एवं आधुनिक विचारों वाली लड़कियां शादी देर से करती हैं और अपने कैरियर को बनाने की चाहत में गर्भधारण करने के अवसरों को भी टालती रहती हैं जिससे धीरे-धीरे वह उपयुक्त समय निकल जाता है जो मां बनने का स्वर्णिम काल होता है।................................

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गर्भ गिर जाना या गिरा देना

गर्भपात के सारे कारण इन्हीं तीन कारणों में आ जाते हैं। अन्य कारणों में चेचक, खसरा, तीव्र ज्वर, अतिसार, यक्ष्मा के नाम उल्लेखनीय है। पति या पत्नी के शरीर में उपदंश (गरमी, आतशक) Venereal Diseases का दोष विद्यमान हैं, अथवा स्त्री का रक्त किसी अन्य कारण से दूषित है, या स्त्री का गर्भाशय बहुत दुर्बल है और वह गर्भ को सहारा नहीं दे सकता, या गर्भ के अन्दर बच्चे को पूरा आहार, पूरी ताकत और जीवन-शक्ति नहीं प्राप्त हो पाता तो बार-बार गर्भपात होता रहता है। परन्तु स्वस्थ पति-पत्नी को इसका डर नहीं करना चाहिए।................................

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गर्भावस्था में सेक्स और सावधानियां

शादी होने के बाद जब परिवार में कुछ दिनों के बाद नन्हे-मुन्हे मेहमान के आगमन की तैयारी होती है तो उस समय परिवार के हर सदस्य के चेहरे पर एक अलग ही प्रकार की खुशी नजर आती है। सबसे ज्यादा तो उस स्त्री को खुशी होती है जो काफी समय बाद मां बनती है जो सास-ससुर व पड़ोसियों के ताने सुन-सुनकर हताश हो जाती थी।................................ 

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