कंकाल-तन्त्र

Haddiyan sharir ko ek vishesh akar deti hai. Sharir ki haddi nirmit rachana ko kankal kahate hai ya asthi pinjar kahate hai. Ismen vibhinn akaron ewam akritiyon ki lagbhag 206 haddiyan rahati hai.

कंकाल तन्त्र


मानव कंकाल की रचना और गठन खास प्रकार का होता है। मानव शरीर की रचना का आधार हड्डियां है। हड्डियां शरीर को एक विशेष आकार (Shape) देती हैमानव कंकाल की रचना और गठन खास प्रकार का होता है। मानव शरीर की रचना का आधार हड्डियां है। हड्डियां शरीर को एक विशेष आकार (Shape) देती है। शरीर की हड्डी-निर्मित रचना को कंकाल या अस्थि-पिंजर (skeleton) कहते है। इसमें विभिन्न आकारों एवं आकृतियों की लगभग 206 हड्डियां रहती है। शरीर की अलग-अलग हड्डियां आपस में मजबूत सैत्रिक ऊतकों (Fibrous tissues) से बंधी रहती है। अलग-अलग आकारों की हड्डियां आपस में संधिबद्ध होकर शरीर आकृति के अनुरूप कंकाल का निर्माण करती है। संधिबद्ध होने वाली हड्डियां के सिरों (Ends) पर उपास्थि की परत चढ़ी रहती है। कुछ हड्डियों के बीच में उपास्थि की गद्दी (disc) रहती है। संधिस्थल पर हड्डियां को एक दूसरे पर रगड़ खाने से बचाने का पूरा-पूरा प्रबन्ध रहता है, जिससे उनकी गति सहज होती है। हड्डियों को सही स्थान पर स्थित रखने का कार्य स्नायु (लिंगामेन्टस) करते हैं, जो सन्धि या जो़ड़ पर हड्डियों को कसकर बांध देते है। हड्डियों के सहारे शरीर को आकार देने का काम मांसपेशियां भी करती है, जो हड्डियों को ऊपर से आवृत (ढककर) किये रहती है।

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