ऊतक

Manushy ek bahukoshiy prani (Multicellular organism) hai. Rachana tatha kary men koshiye ek doosare se bhinn hoti hai. Ek prakar ki koshikaye, ek hi prakar ka kary karati hai aur ek hi varg ke ootakon jaise haddi, upasthi, peshi aadi ka nirman karati hai.


ऊतक कैटेगरीज :

ऊतक


परिचय:

       सभी जानते हैं कि मनुष्य एक बहुकोशीय प्राणी (multicellular organism) है। रचना तथा कार्य में कोशिकाएं एक-दूसरे से भिन्न होती हैसभी जानते हैं कि मनुष्य एक बहुकोशीय प्राणी (multicellular organism) है। रचना तथा कार्य में कोशिकाएं एक-दूसरे से भिन्न होती है। एक प्रकार की कोशिकाएं, एक ही प्रकार का कार्य करती है और एक ही वर्ग के ऊतकों जैसे-हड्डी, उपास्थि, पेशी आदि का निर्माण करती है। संक्षेप में ‘समान रचना तथा समान कार्यों वाली कोशिकाओं के समूह को ऊतक कहते है’। हर ऊतक का अपना एक खास कार्य होता है। कोशिकाएं ऊतकों का ऩिर्माण करते समय आपस में एक-दूसरे से एक विशेष पदार्थ के द्वारा जुड़ी रहती है। इस पदार्थ को अन्तराकोशिकी कहते हैं। बहुत से  ऊतक मिलकर शरीर के अंगों (organs) जैसे- आमाशय, गुर्दे, जिगर, मस्तिष्क आदि का निर्माण करते हैं। हर अंग का भी अपना एक खास कार्य होता है। अलग-अलग अंग आपस में मिलकर किसी तन्त्र (System) का निर्माण करते है जो किसी विशेष  कार्य को करता है, जैसे- नाक, स्वरयन्त्र (larynx), श्वास प्रणाली (trachea) और फेफड़े मिलकर श्वसन तन्त्र का निर्माण करते है। यह श्वसन तन्त्र शरीर एवं वायुमण्डल के बीच ऑक्सीजन एवं कार्बन डाइऑक्साइड को लेने और छोड़ने का काम करता है।

  मानव शरीर मेन कैटेगरीज :


मानव शरीर का परिचय    |   एनाटॉमी एवं फिजियोलॉजी­     मानव शरीर संरचना के आधारभूत घटक          कोशिका       पोषण एवं चयापचय  |    पाचन संस्थान        आच्छदीय संस्थान       अस्थि-संस्थान (कंकाल-तन्त्र)      जोड़ या सन्धियां       पेशीय संस्थान        तन्त्रिका तन्त्र       ज्ञानेन्द्रिया       अन्तःस्रावी तन्त्र        रक्त परिसंचरण       लसीकीय तन्त्र   |   श्वसन-संस्थान       मूत्रीय संस्थान        प्रजनन-संस्थान