आहार चिकित्सा में भोजन, सावधानी तथा लाभ

Ahar chikitsa ke dwara upchar karane se pahale hamen sabhi prakar ke issase hone wale laabh aur hani ka pata kar lena chahiye tabhi isase upchar karana chahiyen.


आहार चिकित्सा में भोजन, सावधानी तथा लाभ


मनुष्य के भोजन में दूध ही एक ऐसा भोजन माना जाता है जिसको आहार शास्त्रियों ने पूर्ण भोजन (कम्पलीट फूड) बताया है। दूध के अन्दर प्रोटीन, कार्बोज, दूध शर्करा, खनिज लवण, वसा और विटामिन आदि मनुष्य के शरीर को पोषण देने वाले तत्व जरूरत के मुताबिक मौजूद होते हैं................ 
वैज्ञानिकों की खोज के अनुसार ताजे फल, अंकुरित अन्नकण, हरी सब्जियों एवं काष्ठज फल में जीवन संचालन, विकास एवं वृद्धि के लिए जरूरी तत्व प्राकृतिक नमक, विटामिन, प्रोटीन, कार्बोहाइड्रेट और चिकनाई आदि पूरी मात्रा में उपस्थित होते हैं।................ 
कोई भी व्यक्ति जब भोजन करता है तो उस समय भोजन करने का मकसद सिर्फ यह नहीं होता कि उस भोजन से हमारी भूख शांत हो जाए या हमारा शरीर मोटा और ताकतवर बन जाए। भोजन करने का मतलब वास्तव में यह होता है................ 
अंकुरित भोजन शारीरिक, मानसिक एवं आध्यात्मिक संतुलन के लिए बहुत ही महत्वपूर्ण है। अंकुरित खाद्य केवल भोजन नहीं रह जाता बल्कि उसका स्टार्च ग्लूकोज में और प्रोटीन एमिनो एसिड में बदलकर सुपाच्य के साथ स्वास्थ्यवर्धक भी हो जाता है............... 
मनुष्य मांसाहारी जीव नहीं है। मनुष्य के दांतों का आकार, उसके मुंह की रस ग्रंथियां, छोटी आंत एवं पाचनतंत्र में से कोई भी मांसाहारी जीवों की तरह के नहीं होते...............