आहारीय रेशा

Resha samproon pani sokh leta hai aur pet bhare huye hone ka ahasas karata hai isliye jo log apna vajan kam karan chahate hai unhe ahariye resha bhojan ke pahale ya bhojan ke sath lena chahiye.

आहारीय रेशा

आहारीय रेशा वह उपादान है जो पौधों में कोशिकाओं की दीवारें बनाता है यह अपाच्य अंग है। यह एन्जाइमों द्वारा भंग नहीं किया जा सकता और शरीर के द्वारा अवशोषित नहीं होता। इस कारण पहले यह अनुमान किया जाता था कि इसका कोई आहार-सम्बंधी मूल्य नहीं है, अत: इसे फेंका जा सकता है .............................

कोलेस्ट्रॉल एक मोमी, पीला-सफेद पदार्थ है जो अधिकतर जिगर में पैदा होता है। यह एक मूल अणु है जो समस्त प्राणी जीवन में एक अनिवार्य भूमिका अदा करता है। यह हमारी कोशिका की दीवारों के लिए अति आवश्यक तत्व है। यह एक बिल्डिंग ब्लॉक है जो शरीर के द्वारा शरीर की उद्योगशाला को चलाने के लिये अत्यंत आवश्यक उपादान बनाने हेतु प्रयोग किया जाता है............................

क्रोमियम खून में ग्लूकोज के स्तर को बनाए रखता है। साथ ही खून में वसा की मात्रा को भी सामान्य रखता है। इसे प्रतिदिन 50 से 200 माइक्रोग्राम तक ही लें। मधुमेह और मिर्गी के रोगियों को क्रोमियम लेने से पहले डॉक्टर से परामर्श  ले लेना चाहिए..........................