आधुनिक अंगमर्दक थैरेपी

Adhunik angmardk chikitsa se upchar karane se kayee prakar ki bimariyan bhik ho jati hai jaise- pet ke rog, adhik jukam, tej sir dard, raktchap aadi.


आधुनिक अंगमर्दक थैरेपी


आधुनिक अंगमर्दक थैरेपी :

मनुष्य का शरीर लगभग दो वर्ग मीटर लंबी त्वचा से ढका होता हैं। त्वचा की ऊपरी परत को बाहरी त्वचा (एपिडरमिस) कहते हैआधुनिक अंगमर्दक चिकित्सा से उपचार करने से शरीर की त्वचा को ऊर्जा मिलती है जिसके फलस्वरूप कई प्रकार की बीमारियां ठीक हो जाती है। आधुनिक अंगमर्दक चिकित्सा के द्वारा उपचार करने पर शरीर की त्वचा में ऊर्जा सम्माहित होती है यह जानने के लिए त्वचा की संरचना को जानना जरूरी है।

मनुष्य का शरीर लगभग दो वर्ग मीटर लंबी त्वचा से ढका होता हैं। त्वचा की ऊपरी परत को बाहरी त्वचा (एपिडरमिस) कहते है तथा इसकी बीच की परत को कोरियम और सबसे नीचे की परत को अधस्त त्वचा कहते हैं। त्चचा के इन भागों में नाड़ियों के आखिरी सिरे होते हैं। इसलिए ही त्वचा किसी चीज या हाथ के उंगलियों आदि के स्पर्श (छू जाने) के द्वारा दबाव और दर्द को महसूस करती है.........................

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