आधारी चयापचय


आधारी चयापचय

(Basal metabolism)


       मानसिक और शरीर की पूर्ण विश्रामावस्था में तथा भोजन ग्रहण करने के कम-से-कम 12 घंटे बाद अर्थात भोजन का पूरी तरह अवशोषण होने पर, शरीर में होने वाले कुल चयापचयी परिवर्तनों को आधारी चयापचय (basal metabolism) कहा जाता है। जीवित रहने के लिए अर्थात शरीर की सिर्फ प्राणाधार क्रियाओं जैसे- सांस लेना, दिल की धड़कना और परिसंचरण आदि को बनाए रखने के लिए कम ऊर्जा की जरूरत होती है जिसे पैदा करने के लिए शरीर के ऊतकों को भी कम ऑक्सीजन की जरूरत होती है। एक स्वस्थ व्यक्ति को जीवित रहने के लिए रोजाना 1500 से 1800 कैलोरी ऊर्जा की जरूरत होती है।

आधारी चयापचयी दर (Basal metabolic Rate-BMR)- शरीर की कोशिकाओं की न्यूनतम सामान्य क्रियाओं को बनाए रखने के लिए शरीर द्वारा प्रयुक्त कुल ऊर्जा चयापचयी दर कहलाती है। मनुष्य में अनेकों कारकों से चयापचयी दर में बदलाव होता रहता है, इसलिए उसकी चयापचयी दर को अक्सर आधारी दशाओं (Basal conditions) में मापा जाता है। इन आधारी दशाओं में ऊर्जा पैदा करने की गति को आधारी चयापचयी दर (Basal Metabolic rate-BMR) कहा जाता है। इसे अक्सर शरीर की सतही क्षेत्रफल के प्रति वर्ग मीटर प्रति घंटा कैलोरियों (calories) में बताया जाता है। (BMR=Cal/m2/h)