आकाश चिकित्सा

Akash tatw ka kabhi nash nahi ho sakata, aakash tatw vishudhd tatha nirvikar hota hai. is liye usase hamen vishudhata aur nirmalata ki prapti hoti hai.


आकाश चिकित्सा


जल, पृथ्वी, वायु, आकाश, अग्नि पांचों तत्वों में सबसे पहला और लाभकारी तत्व आकाश तत्व होता है। इस तत्व को `शून्य´ भी कहा जाता है। जिस तरह से भगवान निराकार लेकिन बिल्कुल सच है उसी तरह से आकाश तत्व भी निराकार लेकिन सच है। आकाश तत्व का कभी भी नाश नहीं हो सकता। आकाश तत्व विशुद्ध तथा निर्विकार होता है। इसलिए उससे हमें विशुद्धता और निर्मलता की प्राप्ति होती है। आकाश में देवताओं का वास माना जाता है जो अमर होते हैं। हम भी आकाश तत्व का भरपूर और सही मात्रा में सेवन करके अमर तो नहीं लेकिन निरोगी और लंबी उम्र तक तो जी सकते हैं। जो ताकत हमें आकाश तत्व से मिलती है, वह बहुत ज्यादा लाभकारी होती है। आकाश तत्व आत्मिक, मानसिक और शारीरिक तीनों तरह के स्वास्थ्य को अच्छा बनाने वाली होती है। आकाश ब्रह्माण्ड का आधार भी होता है। इस तत्व को प्राप्त करने का एक प्रबल साधन उपवास है। वैसे भी रोजाना भूख से थोड़ा सा कम खाकर हम इस कीमती और उपकारी तत्व को पाकर सुख शांति के भागी बन सकते हैं। किसी रोग से घिर जाने पर उपवास करके शरीर की जीवनीशक्ति के कामों को बंद करवाकर.........................