अभ्रक


अभ्रक


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[ A ] से संबंधित आयुर्वेदिक औषधियां

रंग : अभ्रक का रंग सफेद काला होता है।

स्वाद : इसका स्वाद फीका होता है।

स्वरूप : यह एक खनिज प्रदार्थ है, जो जाति भेद से चार प्रकार का होता है, ब्राह्मण, क्षत्रिय, वैश्य और शूद्र।

ब्राह्मण अभ्रक का रंग सफेद।

क्षत्रिय अभ्रक का रंग लाल।

वैश्य अभ्रक का रंग पीला।

शूद्र वर्ण अभ्रक का रंग काला।

         चांदी बनाने में सफेद अभ्रक श्रेष्ठ और उत्तम है, रसायन के काम में लाल अभ्रक और सोना बनाने के काम में पीला अभ्रक तथा रोगों का नाश करने और ऐश्वर्य को प्राप्त करने के लिए काला अभ्रक श्रेष्ठ होता है।

श्रेणियां : अभ्रक को चार श्रेणियों पिनक, दुर्दर, नाग और वज्र में विभक्त किया गया है,

  1. पिनक अभ्रक : पिनक अभ्रक को आग में डालने से वह परत-परत हो जाता है, अगर इसे अनजाने में खा ले तो इससे असाध्य कुष्ठ रोग हो सकता है।
  2. दुर्दर अभ्रक: दुर्दर नाम वाला अभ्रक आग में डालने से मेढक के समान शब्द करता है और गोलाकार हो जाता है, इसको खाने से मौत भी हो सकती है।
  3. नाग अभ्रक : नाग नाम वाला अभ्रक आग में पड़ने से फुंकार करता है, इसको खाने से भगन्दर रोग होता है।
  4. वज्र अभ्रक: वज्र अभ्रक अग्नि में डालने से ज्यों का त्यों वज्र के समान बना रहता है और शरीर में किसी भी प्रकार के विकार को उत्पन्न नहीं करता है। यह सभी प्रकार के अभ्रकों में उत्तम और श्रेष्ठ है और सभी प्रकार के रोगों का नाश करता है।

स्वभाव : अभ्रक रूखा और शीतल प्रकृति का होता है।

हानिकारक : अभ्रक बरवट और गुर्दे को हानि पहुंचाता है।

दोषों को दूर करना: कतीरा, शहद और घी, अभ्रक के गुणों में सहायक और साथ ही साथ इसके दोषों को दूर करते हैं।

मात्रा या खुराक : अधिकतम एक ग्राम की मात्रा में प्रयोग कर सकते हैं।

गुण : अभ्रक, कषैला, मधुर और शीतल है। यह आयुवर्द्धक, धातुवर्द्धक और त्रिदोष (वात, पित्त और कफ) नाशक है, फोड़ा, फुंसी, प्रमेह और कोढ़ को नाश करने वाला है, प्लीहा (तिल्ली), उदर रोग, ग्रंथि और विष दोषों का मिटाने वाला है, पेट के कीड़ों को मारता है और अनेक रोगों का नाश करता है, शरीर को मजबूत करने वाला तथा वीर्य को बढ़ाने वाला, संभोग शक्ति वर्द्धक और शेर के समान पराक्रमी तथा साहसी बनाने वाला होता है।

पथ्य : दूध, घी, मांस तथा चिकनाई युक्त पदार्थों का सेवन अभ्रक सेवन के समय कर सकते हैं।

अपथ्य : अभ्रक खाने वाले मनुष्य को खटाई, उड़द, ककड़ी, करेला, बैंगन, करीला और तेल नहीं लेना चाहिए।hark ahrk abharka

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