अन्तःस्रावी तन्त्र

Antstravi Tantr  ootakon ya angon se milkar banta hai. Ye Granthiyan vishesh rashayan ka extraselyusar sthanon men stra karti hai.


अन्तःस्रावी तन्त्र


अन्तःस्रावी तन्त्र ऊतकों या अंगों (इन ऊतकों या अंगों को अन्तःस्रावी ग्रन्थियां (Endocrine glands) कहते हैं) से मिलकर बनता है।अन्तःस्रावी तन्त्र क्या है?


अन्तःस्रावी तन्त्र को शरीर का एक प्रमुख तन्त्र माना जाता है। यह तन्त्रिका-तन्त्र (Nervous system) के साथ मिलकर शरीर की विभिन्न क्रियाओं का नियमन करता है।

अन्तःस्रावी तन्त्र ऊतकों या अंगों (इन ऊतकों या अंगों को अन्तःस्रावी ग्रन्थियां (Endocrine glands) कहते हैं) से मिलकर बनता है। ये ग्रन्थियां विशेष रसायन (Chemical) (इस रसायन को हॉर्मोन्स (Hormones) कहते हैं) का एक्सट्रासेल्यूसर स्थानों में स्राव करती हैं, जहाँ से ये सीधे रक्तधारा (Blood system) में पहुंच जाते हैं और पूरे शरीर में रक्त के साथ परिसंचारित होते हुए उस जरूरी अंग (Target organs) में पहुंचते हैं जिस पर उनकी क्रिया जरूरी होती है। इस प्रकार की ग्रन्थियों में वाहिकाएं या नलियाँ नहीं होती, इसलिए इन्हें वाहिकाविहीन ग्रन्थियां (Ductless glands) भी कहते हैं।