Error message

  • User warning: The following theme is missing from the file system: global. For information about how to fix this, see the documentation page. in _drupal_trigger_error_with_delayed_logging() (line 1156 of /home/jkheakmr/public_html/hindi/includes/bootstrap.inc).
  • User warning: The following module is missing from the file system: mobilizer. For information about how to fix this, see the documentation page. in _drupal_trigger_error_with_delayed_logging() (line 1156 of /home/jkheakmr/public_html/hindi/includes/bootstrap.inc).
  • User warning: The following module is missing from the file system: global. For information about how to fix this, see the documentation page. in _drupal_trigger_error_with_delayed_logging() (line 1156 of /home/jkheakmr/public_html/hindi/includes/bootstrap.inc).

अग्नि-तत्व


अग्नि-तत्व


Panch tatvon men agni tatw tisara upyogin tatw hota hai. AGani, Jal, Prithwi, Drishy tatwon men pramukh dhrishy tatw agni hi hota hai. Akash aur vayu to mahatv hai. अग्नि तत्व हमारे शरीर में अग्नि को उत्पन्न करके शरीर में उपस्थित जल को उष्णता प्रदान करता है। जिससे हमें शारीरिक शक्ति प्राप्त होती है। अग्नि तत्व हमारी दृष्टि को नियंत्रित करता है। हमारे शरीर में प्राप्त अग्निशक्ति भोजन का पाचन करके शरीर को शक्ति प्रदान करती है। इससे अधिक भूख और प्यास लगती है। अग्नि तत्व हमारे शरीर में स्नायुतंत्र को यथास्थिति में बनाये रखता है तथा हमारे चेहरे को आकर्षक बनाती है। यह शरीर की विचार शक्ति को तेज करती है................

  कुछ खास अर्टिकल :


 गर्म जल के उपयोग    |     गर्म तौलिया स्नान   |     गर्म उदर स्नान   |     गर्म बैठक स्नान   |     गर्म जल की धारा   |     गर्म जल से सेंक    |     गर्म और ठंडा एनिमा    |     गर्म जल से पूर्ण स्नान    |     जांघों का गर्म स्नान    नारंगी रंग की किरणें   |     सूर्य की पीली किरणें    |     सूर्य की हरे रंग की किरणें   |     सूर्य की आसमानी रंग की किरणें   नवजात शिशु को धूप स्नान कराना    |     साधारण धूप स्नान    |     शरीर में पसीना लाने हेतु धूप-स्नान